Lokdastak
रविवार, 24 दिसंबर 2017
LOK DASTAK: चाहे करो जितने जतन , हम नही हैं मिटने वाले.....!
LOK DASTAK: चाहे करो जितने जतन , हम नही हैं मिटने वाले.....!
: मैं भ्रष्टाचार हूँ , फिर भी शक्तिशाली हूँ,व्यापक हूँ, नस नस में समाया हूँ कहते हैं मुझको सिस्टम। मुझे मिटाने वाले ही खुद तो मिट गए ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें